प्रवासन और मानवाधिकार
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व्यक्ति अपने जन्म स्थान को छोड़कर कही अन्यायत्र बसने लगता हैं, या रहने लगता हैं, तो उसे प्रवास कहतें हैं । प्रथम बार प्रवास को 1881 ई में भारत की जनगणना के समय अंकित किया गया। 1981 की जनगणना में प्रवास के कारणों को समाविष्ट किया गया। भारत में सन 2001 की जनगणना के अनुसार देश के 102.9 करोड़ लोगों में से 30.7 करोड़ लोग प्रवासी के रुप में रह रहे हैं।
创建时间:
2025-06-02



