विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर प्रशंसा एवं निंदा के प्रभाव का अध्ययनः नई शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में
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शिक्षण, प्रशिक्षण की प्रक्रिया में कक्षा में प्रतिनिधि अर्थात् शिक्षक की भूमिका बहुत चुनौतीपूर्ण है। प्रो० ब्राउन के अनुसार शिक्षकों की भूमिकाओं को रेखांकित किया गया है, जो एक आकर्षक कक्षा व्यवस्था बनाने के लिए अनुकूल है। शिक्षकों के कर्त्तव्यों में से एक है, कक्षा का प्रबंधन करना। शिक्षक वह है जो पाठ, पाठ्यचर्या और पाठ्यक्रम की योजना निर्माण करता है और जो संरचना और कक्षा का प्रबंधन करता है। यर्थाथतः कक्षा में शिक्षकों द्वारा किए जानेवाले आवश्यक क्रिया-कलापों में से एक शिक्षक की कक्षा का प्रबंधन करने की योजना एवं तकनीक है, ताकि शिक्षक की सभी भूमिकाएँ अनवरत एवं सुचारू रूप से और प्रभावी ढंग से चल सकें। कक्षा प्रबंधन शिक्षकों को शिक्षण और प्रशिक्षण के लक्ष्यों की उपलब्धि हेतु उपयुक्त वातावरण स्थापित करने और उसे अनवरत बनाए रखने में मदद करता है। (वीनस्टीन और नोवोडोस्के, 2011) प्रो० मुसफिराह मर्ना के अनुसार, पुरस्कार एवं निंदा के प्रमुख कार्य हैं। छात्रों के ध्यान में संशोधन करना, छात्रों की प्रेरणा में संवर्धन, अनैतिक व्यवहार में नियंत्रण करना, छात्रों के नकारात्मक व्यवहार को संशोधित करना और सीखने की प्रक्रिया के दौरान छात्रों की सकारात्मक विचारों को भी विकसित करना। इस बीच, निंदा का कार्य नकारात्मकता को अनुशासित और नियमबद्ध करना है। कक्षा को अधिक प्रवाहकीय, उत्पादक, सक्रिय, छात्रों का नकारात्मक व्यवहार कम रखने के लिए और छात्रों के अधिक सक्रिय बनाने के लिए। यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि पुरस्कार और दंड दोनों ही छात्रों को प्रेरित कर सकते हैं और कक्षा में छात्रों के नकारात्मक व्यवहार को नियंत्रित कर सकते हैं।



