किन्नरों की सामाजिक स्थिति का ऐतिहासिक अध्ययन प्रेमकला यादव
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https://zenodo.org/doi/10.5281/zenodo.18221434
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भारतीय समाज में अगर हम किन्नरों की सामाजिक स्थिति का ऐतिहासिक अध्ययन करते हैं तो हमें ऐसा प्रतीत होता है, कि अगर कोई वर्ग सबसे अधिक सामाजिक वंचनाओ का शिकार रहा है तो वह है 'किन्नर समुदाय'। प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक इस समुदाय की विशिष्ट पहचान और सामाजिक स्थिति में समय के साथ परिवर्तन होता रहा है। हमने सभ्यताओं के विकास के साथ-साथ तकनीकी और विज्ञान में तो प्रगति कर ली, लेकिन लिंग की विविधता को लेकर हमारा विवेक अभी भी पुरानी धारणाओं मे ही अटका हुआ है। एक और जहां हमारे धर्म ग्रंथों में शिव जी के अर्धनारीश्वर रुप की पूजा की जाती है, वहीं दूसरी ओर किन्नरों को हेय ष्टि से देखा जाता है।
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创建时间:
2026-01-12



