遇见数据集

कृत्रिम बौद्धिकतारू मानव सभ्यता के लिए एक क्रांतिकारी वरदान अथवा विनाशकारी वैश्विक हथियार * नेमा ओझा

收藏
Zenodo2026-01-12 更新2026-05-26 收录
官方服务:

资源简介:

सारांशः यह शोध पत्र कृत्रिम बौद्धिकता के द्वैत स्वरूप का समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत करता है। जहाँ एक ओर यह प्रौद्योगिकी स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि में वरदान सिद्ध हो रही है, वहीं दूसरी ओर स्वायत्त हथियारों, डेटा निगरानी और अनियंत्रित एल्गोरिदम के कारण यह एक श्हथियार के रूप में उभर रही है। शोध में 2024-25 के वास्तविक मामलों जैसे एआई-प्रेरित आत्महत्या और भ्रम के माध्यम से इसके अनियंत्रित होने के खतरों को रेखांकित किया गया है। कृत्रिम बौद्धिकता वर्तमान इक्कीसवीं सदी की सबसे अधिक प्रभावशाली और परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकी के रूप में उभरी है। एक समाजशास्त्रीय शोधार्थी के दृष्टिकोण से, कृत्रिम बौद्धिकता केवल कंप्यूटर कोड का समूह नहीं है. बल्कि एक समाज-प्रौद्योगिकी प्रणाली है जो मानवीय मूल्यों, सामाजिक संरचनाओं और शक्ति के समीकरणों के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। यह प्रौद्योगिकी मशीनों में मानवीय बुद्धिमत्ता के अनुकरण की वह प्रक्रिया है जिसमें सीखना, तर्क करना और निर्णय लेना शामिल है। जहाँ यह प्रौद्योगिकी असीमित संभावनाओं के साथ एक अनुपम 'वरदान' प्रतीत होती है, वहीं इसकी अनियंत्रित स्वायत्तता और सामाजिक संरचनाओं पर पड़ने वाले प्रभाव इसे एक घातक वैश्विक हथियार की श्रेणी में खड़ा कर देते हैं। अंततः यह पत्र एक मानव-केंद्रित प्रौद्योगिकीविकास का सुझाव देता है।

创建时间:
2026-01-12
二维码
社区交流群
二维码
科研交流群
商业服务