पं0 जवाहर लाल नेहरू का समाजवाद में योगदान- डा0 अमित कुमार सिंह
收藏资源简介:
डा0 लोहिया और आचार्य नरेन्द्रदेव का कथन का मत सर्वथा उचित है कि, ‘कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के बनने के पूर्व भारतीय राजनीति में समाजवाद का स्थान नहीं के बराबर था।’ इसमें संदेह नहीं कि, पंडित जवाहरलाल नेहरू यूरोप से लौटने के बाद सन् 1927 में कांग्रेस के निश्चयों का रूप बदलने लगा। नेहरू सन् 1926 में यूरोप गए थे और सन् 1927 में मद्रास कांग्रेस सम्मेलन के समय भारत लौटे थे। यूरोप प्रवास में वह निश्चित रूप से समाजवादी विचारधारा से प्रभावित हुए थे और उन विचारों की छाप उनके उद्योग से कांग्रेस के प्रस्तावों पर पड़ने लगी।1 फरवरी 1927 में जवाहरलाल नेहरू ने ब्रसेल्स काॅमिन्टर्न द्वारा प्रेरित पददलित राष्ट्रीयताओं के सम्मेलन की प्रथम बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया। जब इस कांग्रेस ने साम्राज्यवाद के विरूद्व लीग की संस्थापना कर ली गई तो नेहरू ने इसकी नौ सदस्यों की कार्य-समिति में कार्य करने के लिए अपनी सहमति दे दी। नेहरू के परामर्श पर ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 1927 में लीग से सम्बद्ध हुई।2



