विवेकी राय के 'सोनामाटी' उपन्यास में चित्रित लोक संस्कृति - अंकिता सिंह
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विवेकी राय ग्रामांचलिक जन-जीवन के सिद्धहस्त लेखक रहे हैं। उन्होंने सोनामाटी उपन्यास में सांस्कृतिक और सामाजिक स्थितियों को विस्तार से चित्रित किया है। उन्होंने लोक संस्कृति के विविध रूपों, तीज-त्योहारों, लोकरीतियों के साथ सामाजिक अंधविश्वास, देवी- देवता, शैक्षिक स्थिति, नारी स्थिति आदि को भी विस्तार से चित्रित किया है। विवेकी राय का पाँचवा उपन्यास सोनामाटी अपने विशाल फलक और व्यापक जीवन दृष्टिकोण को समेटने के कारण महाकाव्यात्मक गरिमा को प्राप्त हुआ है। यह गाजीपुर -बलिया के सन्धि-स्थल पर लगभग तीस किलोमीटर के वृत्त में फैले विशाल करइल क्षेत्र के जीवन को केन्द्र में रखकर लिखा गया है किन्तु इसमें समकालीन जीवन का जो यथार्थ चित्रण है वह व्यापक राष्ट्रीय जीवन के यथार्थ से जुड़ा है, इसलिए यह उपन्यास अंचल विशेष से संबद्ध होकर भी आंचलिक नहीं है। इसकी कथा उत्तरी भारत के किसानों की वर्तमान जिन्दगी का प्रतिनिधित्व करती है।



