遇见数据集

डॉ० अम्बेडकर का दलितोद्धार में शिक्षा की भूमिका * कृष्णानन्द पाण्डेय

收藏
Zenodo2026-01-12 更新2026-05-29 收录
官方服务:

资源简介:

दलित, जिसे संविधान में 'अनुसूचित जाति' नाम से सम्बोधित किया गया है, के उद्धार का मार्ग शिक्षा से आरम्भ होता है, इस तथ्य को डॉ० अम्बेडकर बखूबी जानते थे। इसे वे राष्ट्र के विकास से जोड़े थे। वास्वत में वे रचनात्मक के प्रवक्ता भी थे, जो शिक्षा के राष्ट्र निर्माण की गतिविधि मानते थे और दलितों के उत्थान के लिए सबसे सशक्त धुरी। वह अपने दबे-कुचले भाइयों में शिक्षा के प्रसार के प्रति पूरी तरह जागरूक थे। उनका विश्वास था कि शिक्षा के व्यापक प्रसार से ही भारत के करोड़ों उत्पीड़ित लोगों को उनके मानवाधिकार व देश के नागरिक की हैसियत से प्राप्त अधिकारों के बारे में जागरूक बनाया जा सकता है। शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है। अपने अधिकारों व विशेषाधिकारों को प्राप्त करने के लिए और बगैर शिक्षा के उनकी उन्नति की संभावना बहुत क्षीण है।'

创建时间:
2026-01-12
二维码
社区交流群
二维码
科研交流群
商业服务